Tulsi cultivation in India Profit per Acre: 100% Organic Farming से कमाई का मौका

तुलसी – एक ऐसी औषधीय फसल जो हर हिस्सा बेचती है

tulsi cultivation in india एक ऐसी औषधीय फसल जिसका बीज तो बिकता ही है, साथ में भूसा और तना भी बिकता है और जो एक किसान को मालामाल तो कर ही सकती है, क्योंकि एक एकड़ में ₹1,00,000 तक का नेट प्रॉफिट केवल चार महीने की अवधि में ये देती है।

बल्कि अच्छा स्वास्थ्य भी प्रदान करती है। भरपूर ऑक्सीजन का स्त्रोत है ये, मनमोहक खुशबू प्रदान करती है ये। और इतना ही नहीं, इसको चोरों से कोई खतरा नहीं, जानवरों और पक्षियों से भी नहीं। इस पर पेस्टीसाइड्स का और खादों का इस्तेमाल भी नहीं किया जाता है।

ऐसी चमत्कारी औषधीय फसल है तुलसी। अब सवाल ये आता है tulsi cultivation in india कैसे की जाती है?

Tulsi Cultivation in India

Tulsi Cultivation in India कहाँ और क्यों करें खेती

अगर इतनी बढ़िया फसल है, तो हर किसान क्यों नहीं उगाता?

ये सोच रहे होंगे कि अगर इतनी ही अच्छी ये फसल है तो हर किसान क्यों नहीं लगा लेता है?
इसका जवाब आपको आगे मिल जायेगा।

भारत में तुलसी की खेती कहाँ-कहाँ संभव है?

चलिए सबसे पहले जानते हैं tulsi cultivation India में कहाँ-कहाँ की जा सकती है।
तो उन राज्यों को छोड़कर जहाँ पर बर्फबारी होती है, हर जगह पर tulsi crop cultivation की जा सकती है।

बीज दर और खेत की तैयारी

बीज दर की अगर बात करें तो 400 ग्राम से 500 ग्राम बीज एक एकड़ में बुआई के लिए चाहिए होता है।
खेत की तैयारी की बात करें तो गहरी जुताई हो तो ज्यादा बेहतर है। नहीं तो डबल कल्टीवेटर करके सिंगल करें।
रेट्स बनाएँ और एक फिट पर पौधे लगवाएं तो और भी बेहतर है।

नर्सरी और ट्रांसप्लांटिंग

पहले नर्सरी तैयार करवाएं, उसके बाद ट्रांसप्लांट करवाएं।

सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण

सिंचाई कैसे करें

हुवाई के बाद सिंचाई प्रबंधन बहुत अहम है। फ्लड इरिगेशन या फिर बहाकर सिंचाई करें या फिर ड्रिप इरिगेशन से सिंचाई करें।
स्प्रिंक्लर्स का इस्तेमाल इस क्रॉप में नहीं करें।

खरपतवार प्रबंधन

खरपतवार प्रबंधन भी बहुत अहम है। चलवाएं ज्यादा अच्छा है और दो से तीन बार मज़दूरों से करवाएं।

कीटनाशक और उर्वरक का उपयोग

पेस्टीसाइड्स का इस्तेमाल नहीं करना है। कोई फर्टिगेशन देना भी नहीं है क्योंकि ये मेडिसिनल फसल है।

Tulsi Cultivation in India

Tulsi Crop Harvesting और Market Challenges

कटाई और प्रोसेसिंग

फसल जब पक कर तैयार हो जाए तो मजदूरों से इसको कटवाना है और धीमी स्पीड पर सुखाना है।

Tulsi Crop का सबसे बड़ा limitation – मार्केट

इस क्रॉप का सबसे बड़ा लिमिटेशन जिसके कारण हर जगह का किसान इसको नहीं लगाता है, वो है मार्केट।
हर जगह इसका मार्केट नहीं मिल पाता है।

भारत की सबसे बड़ी औषधीय मंडी

भारत की सबसे बड़ी औषधीय मंडी नीमच, मध्य प्रदेश में है जहाँ पर हर प्रकार की औषधीय फसल बेची जा सकती है।

Tulsi Cultivation Profit – आंकड़ों में कमाई

उत्पादन और प्राइस

इस क्रॉप के प्रॉफिट लॉस का अगर गणित देखें तो एक एकड़ में 2 से 5 क्विंटल तक का प्रोडक्शन निकल सकता है।
एवरेज प्रोडक्शन 3 क्विंटल एकड़ का लेकर चलते हैं और एवरेज मार्केट रेट ₹25,000/क्विंटल का लेकर चलते हैं तो ₹75,000 एकड़ ये क्रॉप देती है।

लागत और नेट प्रॉफिट

इसमें से लागत अगर हटाएं तो ₹60,000 एकड़ का नेट एवरेज प्रॉफिट ये क्रॉप दे सकती है।

सबसे बड़ा रिस्क – मौसम

सबसे बड़ी रिस्क इस क्रॉप में ये है कि जब फसल पक कर तैयार हो जाए तब बारिश नहीं होना चाहिए। अन्यथा ये फसल पूरी खराब हो जाएगी।

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